कोहली के टेस्ट क्रिकेट छोड़ने पर संजय मांजरेकर का बड़ा बयान, बोले – “आसान फॉर्मेट चुन लिया क्योंकि…”
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर एक्सपर्ट संजय मांजरेकर एक बार फिर विराट कोहली को लेकर चर्चा में आ गए हैं। इस बार वजह है Virat Kohli Test retirement, जिस पर मांजरेकर ने इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज Joe Root के 41वें टेस्ट शतक के बाद खुलकर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि कोहली ने क्रिकेट के सबसे कठिन फॉर्मेट को छोड़कर अपेक्षाकृत आसान रास्ता चुना है।
जो रूट के शतक के बाद फिर शुरू हुई ‘Fab 4’ बहस
जो रूट, विराट कोहली, स्टीव स्मिथ और केन विलियम्सन को लंबे समय से मॉडर्न क्रिकेट का “Fab 4” माना जाता रहा है। इन चारों खिलाड़ियों ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। हालांकि, मौजूदा समय में इन चारों में से सिर्फ Virat Kohli Test retirement ले चुके हैं। जबकि जो रूट, स्मिथ और विलियम्सन अब भी टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं।
जो रूट का 41वां टेस्ट शतक इस बात का संकेत है कि वह अब भी टेस्ट क्रिकेट में शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। यही तुलना संजय मांजरेकर को विराट कोहली के फैसले पर सवाल उठाने के लिए मजबूर कर गई।
इंस्टाग्राम वीडियो में संजय मांजरेकर का तीखा हमला
संजय मांजरेकर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि जो रूट की उपलब्धि देखकर उन्हें विराट कोहली की याद आ गई। उन्होंने कहा कि Virat Kohli Test retirement बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। खासकर तब जब कोहली टेस्ट क्रिकेट में एक लंबे खराब दौर से गुजर रहे थे।
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मांजरेकर के मुताबिक कोहली ने यह जानने की कोशिश नहीं की कि पिछले करीब पांच सालों में टेस्ट क्रिकेट में उनका औसत 31 के आसपास क्यों रहा है। उन्होंने कहा कि एक महान खिलाड़ी से यह उम्मीद की जाती है। कि वह संघर्ष की वजह तलाशे और वापसी की कोशिश करते रहे।
“सिर्फ टेस्ट क्रिकेट छोड़ना समझ से बाहर”
मांजरेकर ने साफ कहा कि उन्हें विराट कोहली के रिटायरमेंट से नहीं। बल्कि उसके तरीके से समस्या है। उनके मुताबिक अगर विराट कोहली पूरी तरह क्रिकेट से संन्यास ले लेते। तो शायद यह फैसला ज्यादा समझ में आता। लेकिन Virat Kohli Test retirement लेकर सिर्फ वनडे क्रिकेट खेलते रहना उन्हें निराश करता है।
उन्होंने वनडे क्रिकेट को टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों के लिए “आसान फॉर्मेट” बताते हुए कहा कि असली परीक्षा टेस्ट क्रिकेट में होती है। जहां तकनीक, धैर्य और मानसिक मजबूती की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। लेकिन उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को नज़र अंदाज किया।
टेस्ट क्रिकेट क्यों है सबसे कठिन फॉर्मेट?
संजय मांजरेकर ने यह भी समझाया कि टेस्ट क्रिकेट क्यों किसी भी बल्लेबाज के लिए सबसे कठिन माना जाता है।
उनके अनुसार,
- यहां गेंदबाज लंबे स्पेल डालते हैं
- परिस्थितियां लगातार बदलती रहती हैं
- बल्लेबाज को घंटों तक एकाग्र रहना पड़ता है

मांजरेकर का मानना है कि टी20 और वनडे में अलग तरह की चुनौतियां जरूर होती हैं। लेकिन टेस्ट क्रिकेट जैसा कठिन फॉर्मेट कोई नहीं है। और कोई फॉर्मेट इससे कठिन नहीं हो सकता।
क्या कोहली के पास टेस्ट में वापसी का मौका था?
मांजरेकर ने यह भी कहा कि विराट कोहली की फिटनेस, अनुशासन और अनुभव को देखते हुए उनके पास टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने का पूरा मौका था। अगर वह चाहते तो घरेलू क्रिकेट या विदेशी फर्स्ट क्लास मैच खेलकर अपनी तकनीक और आत्मविश्वास दोबारा हासिल कर सकते थे। लेकिन विराट ने ऐसा नहीं किया। उनके मुताबिक, Virat Kohli Test retirement का फैसला इसलिए ज्यादा चौंकाता है। क्योंकि कोहली अब भी शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट हैं और उनमें संघर्ष जारी रखने की क्षमता थी।
क्रिकेट जगत में बंटी राय
जहां एक तरफ संजय मांजरेकर जैसे एक्सपर्ट विराट कोहली के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कई फैंस और पूर्व खिलाड़ी इसे कोहली का व्यक्तिगत फैसला मानकर समर्थन भी कर रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि कोहली ने अपने करियर को लंबे समय तक खींचने के लिए यह फैसला लियाहै। जबकि कुछ इसे टेस्ट क्रिकेट के लिए बड़ा झटका बता रहे हैं। आपका किया कहना है। कमेंट करके जरूर बताये।
निष्कर्ष
जो रूट के रिकॉर्ड शतक ने एक बार फिर Virat Kohli Test retirement को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। संजय मांजरेकर की टिप्पणी ने इस बहस को और तेज कर दिया है कि क्या विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट में थोड़ा और समय देना चाहिए था।
यह सवाल आने वाले समय में भी क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बना रहेगा।
FAQs Virat Kohli Test retirement :
Q1. संजय मांजरेकर ने विराट कोहली पर क्या कहा?
मांजरेकर ने कहा कि कोहली ने टेस्ट क्रिकेट जैसे सबसे कठिन फॉर्मेट को छोड़कर आसान रास्ता चुना।
Q2. जो रूट के शतक का कोहली से क्या संबंध है?
जो रूट के 41वें टेस्ट शतक के बाद फैब-4 की तुलना फिर शुरू हुई। जिसमें कोहली के टेस्ट संन्यास पर सवाल उठे है।
Q3. फैब-4 में अब कौन-कौन टेस्ट क्रिकेट खेल रहा है?
जो रूट, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन अभी भी टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं। जबकि विराट कोहली ने संन्यास ले लिया है।
Q4. मांजरेकर के अनुसार टेस्ट क्रिकेट क्यों सबसे कठिन है?
उनके मुताबिक टेस्ट क्रिकेट धैर्य, तकनीक और मानसिक मजबूती की सबसे बड़ी परीक्षा है। इस लिए टेस्ट क्रिकेट कठिन है।
Q5. क्या विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट में वापसी कर सकते थे?
मांजरेकर का मानना है कि फिटनेस और अनुभव के दम पर कोहली के पास वापसी का पूरा मौका था।
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Disclaimer
यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स, सार्वजनिक बयानों और क्रिकेट विश्लेषण पर आधारित है। इसमें व्यक्त विचार संबंधित व्यक्तियों के निजी मत हैं। वेबसाइट या लेखक का उद्देश्य किसी खिलाड़ी या टीम की छवि को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि पाठकों तक जानकारी पहुंचाना है।







